प्रकृति : ईश्वर की रचना


ईश्वर की भी क्या रचना है? क्या आकृति? 

हम पृथ्वीलोक वालों को मिली प्रकृति,  

प्रकृति है तो जीवन है,
इसी में बसा हर वन है,
हर तरफ बिखरी है हरियाली,
हम, तुम और सबको भाने वाली। 

ईश्वर की भी क्या रचना है? क्या आकृति? 
हम पृथ्वीलोक वालों को मिली प्रकृति,  

आज है खतरे में ये हरियाली ये प्रकृति,
मनुष्य ही बिगाड़ रहा है ईश्वर की आकृति,
प्रकृति के हैं दुश्मन तीन,
पन्नी, पाउच और पॉलिथीन।  

ईश्वर की भी क्या रचना है? क्या आकृति? 
हम पृथ्वीलोक वालों को मिली प्रकृति,  

रक्षा करनी है इस प्रकृति की हमें,
रक्षा करनी है ईश्वर की आकृति की हमें,
रोज़ एक पेड़ लगाएँगे 
जीवन को हरित बनाएँगे।





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