पर्यावरण प्रेम
हँसना-खिलखिलाना सिखाते हैं फूल, तब भी इसमें होते हैं शूल, जब भी उड़ती है ये धूल, मनुष्य के पार लगते हैं कूल। आवाज़ है…
August 08, 2020हँसना-खिलखिलाना सिखाते हैं फूल, तब भी इसमें होते हैं शूल, जब भी उड़ती है ये धूल, मनुष्य के पार लगते हैं कूल। आवाज़ है…
A.K. Dhiman
August 08, 2020
ईश्वर की भी क्या रचना है? क्या आकृति? हम पृथ्वीलोक वालों को मिली प्रकृति, प्रकृति है तो जीवन है, इसी में बसा हर वन ह…
A.K. Dhiman
August 08, 2020
देखो सुन लो ये सच्चाई हिंदी को मत भूलो भाई, संस्कृत की बेटी है हिंदी, भारतमाता की ये बिंदी, राजभाषा कहलाती हिंदी, राष्…
A.K. Dhiman
August 08, 2020
जन्म मरण का खेल है ये तो , जन्म मरण का खेल , खाता न ये मेल है ये तो , जन्म मरण का खेल है , रिश्तों की बढ़ती रेल है …
A.K. Dhiman
July 17, 2020
कम्बख्त-ए-इश्क़ हो ही क्यूँ जाता है, खुदा की ओर इबादतों में झुकाता है, सजदे में जब जब जब झुकता है ये नाचीज़, क्यूँ मेरा ख…
A.K. Dhiman
May 30, 2020
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है, फिर जाने मुझे क्या हो जाता है? 'ज्ञान', अगर ज़िन्दगी का आधार है, तो क्यू…
A.K. Dhiman
May 25, 2020